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बुधवार, 22 जनवरी, 2025 तदनुसार माघ कृष्ण पक्ष (2081) अष्टमी/नवमी विदेश संबंधी कामकाज में वृद्धि है। आत्मविश्वास बना हुआ है। कामकाजी जीवन में खुद को मैनेज करके चलने से बेहतरी देखने वाले रहेंगे। सजगता के साथ आगे बढऩे की कोशिश करे। उïच्च शिक्षा संबंधी अटके निर्णय में नव तारत्म्य की स्थिति साथ है। मन में दुराव से दूरी रखे। जो कार्य हाथ में ले लिए हैं वहां अंतिम सिरे तक बने रहे।
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मिथुन : फरवरी, 2026 का मासिक राशिफल
ग्रह गोचरीय व्यवस्थाएं परिवर्तनशील होती हैं। फरवरी माह में आप किस तरह की योजना को लेकर चल रहे हैं और ग्रहीय व्यवस्थाएं क्या निरूपण दिखा रही है। इन परिवर्तन के साथ जीवन को कैसे जोड़ा जा सकता है, इसका समग्र चर्चा वृत्तांत यहां 12 ही भावों के अनुसार दिया जा रहा है, जिसके अनुसार आप अपनी योजनाओं को उसी अनुरूप अपनाकर चलने वाले हो सकते हैं। प्रथम भाव : कुछ नया अपनाने में देरी मत कीजियेगा चाहे शिक्षा हो या व्यापार। स्वास्थ्य में नई सलाह को स्वीकारना बेहतर रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ रहा है। क्षमताओं में वृद्धि शानदार है। फाइनेंसियल स्तर पर निर्णय में घिरे हुए थे, वहां संभलकर बढिय़ेगा। इंटरव्यू की एप्रोच में अपने अनुभव को हटाकर क्या नयापन आ सकता है, उसको साथ रखे। मन की ऊहापोह को हटाकर वर्तमान क्षण के साथ चलना आवश्यक रहेगा। द्वितीय भाव : इस महीने फाइनेंसियल गेन की एप्रोच बड़ी तेजी के साथ है, साथ ही खर्चों की भी तीव्रता बनी हुई है वहां संभलकर चलने से व्यवस्थित आयाम रहेंगे। पारिवारिक पक्ष के साथ तनाव से संभलकर चले। तृतीय भाव : 13 फरवरी तक पुरुषार्थ को व्यर्थ व्यय नहीं करे। अपनी बारी का इंतजार करना आवश्यक है, जल्दबाजी से बचे। आकस्मिक तौर पर आते लुभावने अवसर घेरने वाले हो सकते हैं, उससे दूरी बनकर रखे। यात्राओं संबंधी कामकाज में शुरुआती दिनों में सफलता नहीं बाद में बेहतर परिणाम की उम्मीद है। चतुर्थ भाव : कमीशन संबंधी कामकाज में लचीलापन रखना चाहिए। रियल स्टेट और कंस्ट्रक्शन संबंधी कामकाज में प्रयासों के साथ भीतर की सार्थकता को बनाकर रखे। जो कार्य क्षमताओं के साथ आ रहा है उसे अपनाकर चलियेगा। इच्छाशक्ति कामकाज में तेजी लाने वाली रहेगी। हृदय जनित रोगों से अब धीरे-धीरे बेहतरी आने वाली रहेगी। वाहन संबंधी सुख में बढ़ोतरी हो सकती है। पंचम भाव : पूर्वाभास की ताकत बनी हुई है। रचनात्मक स्तर पर प्रगति नहीं देख पाए थे, उसकी तीव्रगामिता के आयाम साथ-साथ चल रहे हैं। अटके कार्यों में नव योजना बद्ध होकर चलने की कोशिश करे। शेयर मार्केट संबंधी कामकाज में ये महीना सकारात्मकता बना हुआ है। संतान सुख की ओर अग्रसर महिलाओं को 19 फरवरी के बाद यात्राओं में धीमापन रखकर चलना चाहिए। फैशन टेक्नोलाजी और डिजाइनिंग संबंधी कामकाज में बेहतरी आने की तैयारी में है। षष्ठ भाव : ऋण की सहुलियत मिल सकती है। किसी की मदद की थी, भूल गए थे, वो आकस्मिक सामने आ सकता है, उसके माध्यम से स्वयं को स्थिरगामिता करने वाले रह सकते हैं। रक्त संबंधी विकारों से बनी दुविधाओं से रिलीफ आने वाली रहेगी। शत्रु पक्ष हावी नहीं है। सप्तम भाव : गृहस्थ जीवन के साथ बेहतर समागम रह सकता है। गृहस्थ पक्ष की ओर से मिल रही दृढ़ता निरन्तर आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। व्यापारिक साझेदारी में निर्णय से बचकर चलना चाहिए। मन की शांत चित्त आभा को विकसित करने की जरूरत रहेगी। अष्टम भाव : रिसर्च और गणनाओं संबंधी स्तर पर अलग लेवल बन रहा है। आई.टी. फील्ड में सकारात्मक बेस बन सकते हैं। नवम भाव : आध्यात्मिक पलड़ा सुकून दे सकता है कभी लग्जरी सुकून देने वाली हो सकती है वहां से खुद को संभालकर बढऩे से बेहतरी रहेगी। भाग्य का सहयोग है परन्तु कर्मशीलता के साथ बढऩे की जरूरत रहेगी। भीतर के दर्शन की परिपक्वता आ रही है। दशम भाव : भागदौड़ चरमोत्कर्ष के साथ है उसकी स्वीकारोक्ति बनाकर चलियेगा। इच्छाशक्ति भरपूर है। जिस कार्य को आगे बढ़ाना चाहते हैं वहां बढ़ सकते हैं। एकादश भाव : लाभ में त्वरित गति में अपेक्षा आती है साथ ही खर्चे भी आने वाले रहेंगे, उससे संभले। द्वादश भाव : विदेश संबंधित कामकाज में वृद्धि है। खर्चों में भाग्य का मिश्रित सहयोग रहेगा। विदेश संबंधी शिक्षा में बेहतरी है। ले आफ जैसी चिंताएं हटने वाली रहेगी।
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मिथुन : वर्ष 2026 का वार्षिक राशिफल
नव वर्ष की शुभकामनाएं ग्रह गोचरीय व्यवस्थाएं परिवर्तनशील होती हैं। वर्ष 2026 में आप किस तरह की योजना को लेकर चल रहे हैं और ग्रहीय व्यवस्थाएं क्या निरूपण दिखा रही है। इन परिवर्तन के साथ जीवन को कैसे जोड़ा जा सकता है, इसका समग्र चर्चा वृत्तांत यहां 12 ही भावों के अनुसार दिया जा रहा है, जिसके अनुसार आप अपनी योजनाओं को उसी अनुरूप अपनाकर चलने वाले हो सकते हैं। प्रथम भाव : 11 मार्च से पहले नौकरी पेशा जीवन में परिवर्तन सामने आ सकते हैं। परिवर्तन को सकारात्मकता के साथ देख सकते हैं। जाब से व्यापार की ओर जाने के लिहाजा 11 मार्च से लेकर 1 जून तक का समय सहयोगी बना हुआ है। अटके कार्यों में वहां व्यवस्थित क्रम अपनाकर चले। आर्थिक दृष्टिकोण से ये वर्ष नव प्रयत्नों को लाने वाला रहेगा। इस वर्ष लचीलेपन को अपनाकर चले। द्वितीय भाव : 1 जून से दिसम्बर के मध्य निवेश के माध्यम बेहतर कहे जाएंगे। जाब में बने स्ट्रेश हटने की तैयारी है। निर्णायक संघर्ष चल रहे थे वहां स्थिरता को देखते हुए आगे बढऩा बेहतर क्रम कहा जाएगा। मन की व्याकुलता को हटाकर आगे बढ़ाते हुए चले जाइयेगा तृतीय भाव : फाइनेंसियल गेन इस वर्ष धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने वाले रहेंगे। जिन कार्यों में अटाकव और बाधाएं बनी हुई थी, वहां अब उनसे हटकर आगे बढऩे के सिरे साथ बनने वाले रहेंगे। आशयिाना का सपना संजोया हुआ था, इस वर्ष संभावनाओं के द्वार उदघाटित करने वाला रहेगा। चतुर्थ भाव : जिन कार्यों में दुराव और अटकाव देख रहे थे, वहां पशोपेश नजर नहीं आती जो नकारात्मकता करने वाली हो। श्रेणीबद्ध होकर चलने से बेहतरी साथ-साथ चलने वाली रहेगी। विशेष प्रयोजन के साथ आगे बढऩे से नकारात्मकता दूर होने वाली रहेगी। पंचम भाव : कामकाजी जीवन में लयबद्ध तरीके से कामकाज को स्थिरता दे सकते हैं। षष्ठ भाव : कामकाज में बेहतरी को अपनाकर चलने की जरूरत रहेगी। सप्तम भाव : गृहस्थ पक्ष के साथ जो हां ना चल रही थी, सकारात्मकता नहीं थी, वो अब इस वर्ष में बनने वाली रहेगी। विदेश संबंधी कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है। ऊर्जावान होकर आगे बढऩे का प्रयास करते हुए चले जाइयेगा। अष्टम भाव : निवेश की यात्रा बेहतर है। जमीन बेचान और खरीदान के लिहाजा भी बेहतरी बनी हुई है। स्वास्थ्य में ब्लड संबंधी दिक्कतों से संभले। शल्य चिकित्सा के लिहाजा वर्ष का मध्य सिरा बेहतर बना हुआ है। सरलता से आगे बढ़ सकते हैं। नवम भाव : खान-पान में रुचि बढ़ रही है वो वजन वृद्धि नहीं लाए इसका ध्यान रखे। पारिवारिक स्तर के साथ जुड़ाव आने वाला रहेगा। वजन वृद्धि से बचते हुए चले। दशम भाव : भीतर के कन्फ्यूजन बढ़ सकते हैं। भागदौड़ अधिक बढऩे वाली रह सकती है, वहां नकारात्मकता नहीं रखे। छोटी छोटी पशोपेश से हटकर बढऩे से सकारात्मकता देखने वाले रहेंगे। एकादश भाव : धनागमन में वृद्धि के संकेत है। पुरुषार्थ बना हुआ है। कमीशन संबंधी कामकाज में बेहतरी बनी हुई है। वाणी आपकी ताकत भी है अगर तल्खी बढ़ी तो शत्रुवत स्थितियां बन सकती है। द्वादश भाव : कामकाज में नई स्थितियों को और बढ़ाने की जरूरत रहेगी। ये वर्ष संभावनाओं का उदय है, उसके साथ जुड़कर बढऩा बेहतर क्रम कहा जाएगा।