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विदेश संबंधी कामकाज में वृद्धि है। अटके कार्यों में सुधार के संकेत रहेंगे। मन ठहराव के साथ है। क्षमताओं पर विश्वास स्थापित करके चले। भीतर से खुद को स्थिर करने से व्यवस्थित रहेंगे। मन की पशोपेश को हटाकर स्थिरता प्राप्त करने का सिरा अद्भुत कहा जा सकता है।
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सितम्बर, 2026 का मासिक राशिफल
ग्रह गोचरीय व्यवस्थाएं परिवर्तनशील होती हैं। सितम्बर माह में आप किस तरह की योजना को लेकर चल रहे हैं और ग्रहीय व्यवस्थाएं क्या निरूपण दिखा रही है। इन परिवर्तन के साथ जीवन को कैसे जोड़ा जा सकता है, इसका समग्र चर्चा वृत्तांत यहां 12 ही भावों के अनुसार दिया जा रहा है, जिसके अनुसार आप अपनी योजनाओं को उसी अनुरूप अपनाकर चलने वाले हो सकते हैं। प्रथम भाव : व्यक्तिव की आभा में शांत चित्त आभा पनपने लगी है। समग्र ऊर्जावान क्रम बना हुआ है। जो भी कामकाज कर रहे हैं वहां व्यवस्थित ठहराव चाहते थे, उसकी गुंजाइशें बनी हुई है। स्टील संबंधी कामकाज, मशीनरी संबंधी कामकाज और कंस्ट्रक्शन संबंधी कामकाज में लम्बी अवधि के काम में सकारात्मकता बनी हुई है। द्वितीय भाव : जमीन संबंधी कामकाज में उसमें भी पैतृक संबंधी विवाद बढऩे वाला रह सकता है, उससे संभलकर आगे बढऩे का प्रयास करे। पारिवारिक जनों के साथ कलह से बचकर चले। फैशीनेसन फाइनेंस स्तर पर गलत निर्णय हो सकते हैं, ध्यान रखे। धनागमन बढ़ता चला जा रहा है, परन्तु खर्चे भी साथ है। तृतीय भाव : पुरुषार्थ का व्यय होता नजर आता है, उससे बचियेगा। व्यर्थ के वाद विवादो'से दूर रहकर आगे बढऩे का प्रयास करना चाहिए। प्रजेंटेशन संबंधी कामकाज में लम्बे समय की लयबद्धता को बनाकर चलने का प्रयास करे। विदेश संबंधी कामकाज में अभिरुचि या टास्क दी जा सकती है, जो जोडऩे वाली हो सकती है। मित्रों के साथ क्लसेज को टालना बेहतर रहेगा। चतुर्थ भाव : भद्र योग निर्मित हो रहा है। कमीशन संबंधी कामकाज विशेषकर रियल स्टेट संबंधी कामकाज में ये समय उद्देश्यवान और उन्नतिशील बना हुआ है। एग्रीकल्चर संबंधी कामकाज में जल्दबाजी से बचे। माता के स्वास्थ्य को लेकर बनी चिंताओं में कमी आने वाली रहेगी। एजेंसी लाइन संबंधी कामकाज में भाग्य आजमाने के लिहाजा समय अद्भुत बना हुआ है। पंचम भाव :शेयर मार्केट संबंधी निवेश बेहतर कहे जाएंगे। संतान पक्ष के साथ वैचारिक मतभेद आमने आ सकते हैं, वहां निर्देशित होने से बचे। शिक्षा संबंधी क्रम में ये समय संतुष्टिप्रदायक कहा जा सकता है। क्षमताओं में वृद्धि बनी हुई है। किसी रिलेशन में चल रहे हैं तो वहां खुशनुमा समय बितने वाला रहेगा। षष्ठ भाव : नर्वस और हड्डी जोड़ संबंधी इश्यू दिक्कत दे सकते हैं, संभले। आकस्मिक किसी तरह के ऋण से बचना चाहिए। शत्रु पक्ष हावी नहीं है, परन्तु जल्दबाजी में लिए निर्णय शत्रुता निभा सकते हैं। बैंकिंग संबंधी कामकाज में शुरुआत के बाद समाधान मिल सकता है। सप्तम भाव : भद्र योग निर्मित हो रहा है। गृहस्थ पक्ष का सहयोग है। व्यापारिक साझेदारी में सकारात्मकता बनी हुई है। मानसिक कार्यों में तीव्रता के साथ बढऩे वाले रहेंगे। सपोर्टिव रिदम बनी हुई है। अष्टम भाव : हुनर संबंधी कामकाज में विशेष जगह प्राप्त हो रही है। विदेश संबंधी कामकाज में व्यवधान हटने की तैयारी में है। जिन कार्यों के साथ लोगों की आवश्यकता होती है वहां झुककर कामकाज की ओर चलना बेहतर है। वाहन चलाते समय स्वास्थ्य का ख्याल रखे। नवम भाव : आध्यात्मिक तीव्रता बनी हुई है। भाग्य के साथ जुड़कर जमीन की ओर जाना है तब विशेष संभलियेगा। मेडिकल में नेटिव के साथ शुरुआत करनी है तो ये समय सकारात्मक बना हुआ है। दशम भाव : कर्म आपकी क्षमताओं के साथ बना हुआ है। अनुशासित यात्राओं के साथ चल रहे हैं। इच्छाशक्ति बनी हुई है। पिता के साथ सामंजस्य में कमी थी, वहां सुधार के संकेतों के साथ बढ़ रहे हैं। परिवर्तन कर रहे हैं तो सकारात्मकता देख सकते हैं। एकादश भाव : समग्र ऊर्जा के सिरे बनने वाले रहेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि बनी हुई है। कोर्ट कचहरी संबंधी मामलात में प्रगति है। द्वादश भाव : छोटी छोटी बातों में घबराहट से मुक्त होकर आगे बढऩे का प्रयास करे। अज्ञात भय से हटकर आगे बढऩे की आवश्यकता है। जो निर्णय ले चुके हैं उन्हें आगे बढ़ाने की आवश्यकता रहेगी।
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मीन : वर्ष 2025 का वार्षिक राशिफल
वर्ष 2025 का वार्षिक राशिफल नव वर्ष की शुभकामनाएं ग्रह गोचरीय व्यवस्थाएं परिवर्तनशील होती हैं। नव वर्ष में आप किस तरह की योजना को लेकर चल रहे हैं और ग्रहीय व्यवस्थाएं क्या निरूपण दिखा रही है। इन परिवर्तन के साथ जीवन को कैसे जोड़ा जा सकता है, इसका समग्र चर्चा वृत्तांत यहां 12 ही भावों के अनुसार दिया जा रहा है, जिसके अनुसार आप अपनी योजनाओं को उसी अनुरूप अपनाकर चलने वाले हो सकते हैं। प्रथम भाव : रियल स्टेट संबंधी कामकाज में प्रोग्रेसिव आने वाली रहेगी। 29 मार्च तक धीरे-धीरे कन्फ्यूजन हटने वाले रहेंगे। उसके बाद निर्णय लेने में समय लग सकता है, उम्मीद में धीमापन रह सकता है। 18 मई के बाद के समय में कंस्ट्रक्शन, रियल स्टेट और लोजिस्टिक संबंधी कामकाज में फ्लो में व्यवस्थित आयाम रहेंगे। तकनीकी फील्ड में अपने कामकाज की शुरुआत से बचे। जहां कामकाज में है वहां स्थिरता रखे। इंटरव्यू या मुलाकात में व्यवस्थित होकर बढऩे का प्रयास करते हुए चले। द्वितीय भाव : शुरुआती क्रम के साथ कामकाज में वृद्धि रहेगी। वायदों के साथ स्थिरता आने वाली रहेगी। झुंझलाहट से दूर रहकर चलने वाले रहेंगे। जिन कार्यों के साथ लगता है लम्बा समय लगेगा वहां जुटे रहने से धनागमन में वृद्धि है। तृतीय भाव : 14 मई तक भागदौड़ साथ है, वहां परिणाम से बचते हुए चले। लम्बे समय अवधि के साथ चलने की आवश्यकता रहेगी। जिन कार्य में लोग नकारात्मक कर रहे थे, वहां अब प्रयास करना बेहतर कहा जाएगा। भाइयों का सहयोग मिल रहा है। विदेश संबंधी कामकाज में तीव्रगामिता और बेहतरी आने वाली रहेगी। धार्मिक प्रयोजन के साथ बेहतरी आने वाली रहेगी। चतुर्थ भाव : रियल स्टेट, कमीशन और आजीविका का माध्यम आगे बढ़ा रहा है तो वहां जूझने की शक्ति साथ चल रही है। सजगता बढऩे वाली रहेगी। कमीशन संबंधी कामकाज में लोगों को साथ जोड़कर चला जा सकता है। माता के स्वास्थ्य में सुधार आने वाला रहेगा। वाहन खरीदते समय रुककर चले। पंचम भाव : संतान सुख की ओर अग्रसर महिलाओं को शुरुआती महीनों में यात्राओं को टालना चाहिए। सजगता को साथ बनाकर रखियेगा। तकनीकी फील्ड की शिक्षा के लेवल में सपोर्टिव बेस है। रिलेशन में जल्दबाजी से बचियेगा। षष्ठ भाव : शल्य चिकित्सा को टालने से बचे। जनवरी और दिसम्बर के महीने में उस ओर बढ़ा जा सकता है। फाइनेंसियल बर्डन बढ़ाने से बचे। शत्रु पक्ष हावी नहीं है। सप्तम भाव : गृहस्थ पक्ष के साथ जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचियेगा। गृहस्थ पक्ष के स्वास्थ्य में नाड़ी तंत्र की समस्याएं घेर सकती है। व्यापारिक साझेदारी में जल्दबाजी में निर्णय से बचे। अष्टम भाव : विदेश संबंधित कामकाज में ये वर्ष ऊर्जावान बना हुआ है। रिसर्च संबंधी कामकाज में बाधाएं हट रही है। नवम भाव : आध्यात्मिक प्रगति है। उच्च शिक्षा संबंधी स्तर पर आर्थिक प्रगति के लिहाजा सहयोग का क्रम बना हुआ है। दशम भाव : इच्छाशक्ति साथ गतिमान है। तनाव से दूरी बनाकर रखे। शुरुआत से ही अनुशासित होने की गुंजाइशे बनने वाली रहेगी। एकादश भाव : खर्चों की अधिकता है, जिसकी सहज स्वीकार बनाकर रखियेगा। द्वादश भाव : लक्षाधिपति योग कुछ दिनों के लिए है। पूरे वर्ष कामकाज पर ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी। अनुभव को आत्मसात करते हुए बढऩे का प्रयास करना चाहिए।