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  • 04
  • November

एक सवाल…

एक सवाल को लेकर चलते हैं। व्यक्ति कई बार ज्योतिषिय विश्लेषण के माध्यम से हमारे पास में आता है। प्रश्न पूछने से पहले हमारे विश्लेषण करने से पहले ही अपने मन की निराशाओं को सामने रखता है। आज मैं जिस दौर से गुजर रहा है कि क्या पूरी जिंदगी ही ऐसे चलती चली जाएगी। आज प्रत्येक कार्य की ओर जाता हूं और नकारात्मकता लेकर आता हूं, वजह क्या है। तो वहां उसे यह जानना आवश्यक है कि ग्रहीय व्यवस्थाओं ने कई बार सकारात्मकता भी दी। समय की स्थितियों ने उसको जीवन में बहुत आगे लेकर चलने का कार्य भी किया। यहां पर दशाओं के माध्यम से ग्रह और समय के हिसाब से एक संघर्ष निकल कर आया है। थोड़ा-सा धैर्य रखने की आवश्यकता है। खुद को धीमेपन के साथ में लेकर चलने की आवश्यकता है। वहां अगर आप रफ्तार बढ़ाते हैं, गलत निर्णय की ओर जाते हैं, बार-बार ठोकर खाते हैं और फिर भी नहीं संभलते हैं और फिर हम अगर कहते हैं कि समय की गतिविधियों के साथ में सिर्फ और सिर्फ धोखे लिखे हुए हैं हमारे लिए। तो हम खुद को गलत सिद्ध करने का कार्य करते हैं। जो समय हमारे लिए सार्थक आ रहा है, उसके लिए भी अच्छी बुनियाद स्थापित नहीं कर पाते। इसी वजह से समय को जानने की और इस ग्रहीय व्यवस्थाओं के माध्यम से किस समय कौन-सा काम हमारे लिए उपयुक्त रहेगा, उसके अवसर को पहचानने की दरकार अवश्यम्भावी तौर के ऊपर रहती है। तो यहां इस बात को बहुत अच्छे से समझा जाए कि धैर्य की आवश्यकताएं हैं। जिसे कि आज के समय में सोशियल डिस्टेटिंग सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। खुद के ऊपर धैर्य रखना ये दूसरी महत्वपूर्ण आवश्यकता है। एक समय व्यक्ति ये सोच रहा था कि कुछ समय और कुछ स्तर के ऊपर घर-परिवार के साथ में अच्छे वातावरण के साथ में रहूं। और आज ये सोच रहा है कि कब कामकाज की ओर हम फिर से अग्रसर हो पाएंगे। किन्तु आज के आवश्यकता है कि हम इस समय को बहुत अच्छे से घर-परिवार के साथ में गुजारें। जब कामकाजी जीवन की गति आएगी तो हम दुगुनी रफ्तार से दौड़ेंगे। किन्तु आज एक सोशियल डिस्टेंटिंग की आवश्यकता है। घर की सीमा नहीं लांघने की आवश्यकता है। तो वहीं संकल्प की सिद्धि हम अगर मन में लेकर चलते हैं तो लापरवाही करने से बचते हैं तो स्वास्थ्य में लाभ की स्थितियों को निर्मित करने वाले होते हैं। और यही मूलमंत्र आज हमारे लिए रहना चाहिए।

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